विज्ञान और प्रौद्योगिकी परियोजना (एसएण्डवटी)

स्‍वदेशी ग्‍लूकोनाईट इत्‍यादि से म्‍यूरिएट ऑफ पोटाश (एमओपी)/पोटेशियम सल्‍फेट/पोटेशियम क्‍लोराइड इत्‍यादि निकालने, जो कि किसानों के लिए लाभकारी होगा, की संभावना से संबंधित प्रस्‍तावों के साथ-साथ विशिष्‍ट ऊर्जा खपत और उर्वर‍क विनिर्माण के लिए फीडस्‍टॉक जैसे कोयला एवं कोल बेड मीथेन समेत प्रदूषकों को घटाने के लिए प्रक्रम प्रौद्योगिकीयों एवं उपकरण के उच्‍च क्षमता उपयोग को प्राप्‍त करने/उन्‍न्यन/आधुनिकीकरण के संदर्भ में इष्‍टतम स्‍तर और अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए उर्वरक विभाग, उर्वरक उद्योग के क्षेत्र में स्‍वदेशी अनुसंधान एवं विकास पर अभियांत्रिकी/अनुसंधान संस्‍थान उर्वरक उद्योग से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एसएण्‍डटी) कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रस्‍ताव आं‍मत्रित करता है। उन प्रस्‍तावों को प्राथमिकता दी जाएगी जो प्रत्‍यक्ष अथवा अप्रत्‍यक्ष रूप से उर्वरक उद्योग की विशिष्‍ट समस्‍याओं से संबंधित है। उद्योग की आवश्‍यकताओं से संबंधित विशिष्‍ट प्रस्‍तावों को लाने के उद्देश्‍य से उद्योग द्वारा परियोजना का आंशिक वित्‍त पोषण अनिवार्य है।  

 

      उर्वरक विभाग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी अनुसंधान एवं विकास प्रस्‍तावों का चयन किया जाएगा। उर्वरक विभाग की वेबसाइट www.fert.nic.in. से समुचित प्रारूप शर्तों एवं निबन्‍धनों इत्‍यादि को प्राप्‍त किया जा सकता है। प्रमुख समाचारपत्रों में विज्ञापन जारी होने की तारीख से छह सप्‍ताह के भीतर निर्धारित प्रारूप में प्रस्‍तावों की दस प्रतियां उर्वरक विभाग के पास पहुंच जानी चाहिए। किसी भी स्‍पष्‍टीकरण के लिए कृपया श्री डी.पी.श्रीवास्‍तव, निदेशक (ईएण्‍डएस), उर्वरक विभाग, शास्‍त्री भवन, नई दिल्‍ली (टेलीफैक्‍स सं 23389839) से सम्‍पर्क करें।  

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