जहाजरानी

 संचलन के अंतर्गत जहाजरानी स्‍कंध सरकारी खाते से आयात किए गए उर्वरकों की संभारतंत्रीय सहायता उपलब्‍ध करा रहा है। वर्तमान में यूरिया एकमात्र उर्वरक है जिसका सरकार के खाते में आयात किया जाता है। जहाजरानी स्‍कंध को निम्‍नलिखित कार्य सौंपे गए हैं:

 

  •      पोतपरिवहन मंत्रालय की चार्टरिंग विंग के सहयोग से जहाजरानी की व्‍यवस्‍था करना।
    • साज-संभाल और बैगों में बंद करने के बाद देश में विभिन्‍न बंदरगाहों में आयातित यूरिया की साज-संभाल और वितरण हेतु हैण्‍डलिंग एजेंसियों की नियुक्ति करना।
    • ओमान इंडिया फर्टिलाइजर कंपनी (ओमिफ्को) के साथ समन्‍वय करना तथा दीर्घावधि उठान करार (यूओटीए) के अंतर्गत सुर, ओमान से दानेदार यूरिया के आयात की व्‍यवस्‍था करना।
    • जहाज द्वारा यूरिया को लाने-लेजाने के संबंध में दिन प्रतिदिन पत्‍तन प्रचालन कार्यकलापों की निगरानी करना।
    • यूरिया कार्गों के पोत-मालिकों, आपूर्तिकर्ताओं और प्राप्‍तकर्ताओं के साथ विलम्‍ब शुल्‍क प्रेषण दावों का निपटान करना।
    • विलंब समय की गणना, कमी और क्षतिग्रस्‍त कार्गों आदि से संबंधित मध्‍यस्‍थता और अन्‍य मुकदमों के मामले में प्राप्‍तकर्ताओं के साथ समन्‍वय करना और सहायता करना।
    • तटीय जहाजरानी एवं अंतर्देशीय जल परिवहन के जरिये उर्वरकों का संचलन

 

      जहाजरानी स्‍कंध डीएपी, एमओपी, एमएपी, टीएसपी तथा एनपीके उर्वरकों के विभिन्‍न ग्रेडों जैसे विभिन्‍न उर्वरकों की भारतीय बंदरगाहों पर आवक की निगरानी भी कर रहा है। इन उर्वरकों को ओजीएल  के अंतर्गत निजी खाते पर आयात किया जाता है।